योगी सरकार को झटका: HC ने हटाया NSA, डॉ. कफील को तुरंत रिहा करने के आदेश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गोरखपुर के डॉ. कफील खान के ऊपर से NSA हटाने का आदेश जारी किया है। साथ ही कोर्ट ने डॉक्टर कफील खान को तुरंत रिहा करने का भी निर्देश दिया है।

Published by Shreya Published: September 1, 2020 | 11:31 am
Dr Kafeel Khan

डॉक्टर कफील खान को तुरंत रिहा करने के आदेश (फाइल फोटो)

लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गोरखपुर के डॉ. कफील खान के ऊपर से NSA हटाने का आदेश जारी किया है। साथ ही कोर्ट ने डॉक्टर कफील खान को तुरंत रिहा करने का भी निर्देश दिया है। बता दें कि कोर्ट में डॉ. कफील के ऊपर एनएसए लगाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। डॉक्टर कफील खान की मां नुजहत परवीन ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी।

भड़काऊ भाषण देने के मामले में हुई थी कार्रवाई

बता दें कि डॉ. कफील पर कांग्रेस अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व एनआरसी को लेकर भड़काऊ भाषण देने के मामले में एनएसए के तहत कार्रवाई की गई थी। डीएम अलीगढ़ ने डॉ. कफील खान पर नफरत फैलाने के आरोप में एनएसए लगाया था। इसी मामले में बीते कई महीनों से वो मथुरा जेल में बंद हैं।

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इलाहाबाद HC ने आदेश में क्या कहा?

इस मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अलीगढ़ डीएम द्वारा 13 फरवरी, 2020 को पारित आदेश (एनएसए की कार्रवाई) गैरकानूनी है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि कफील खान को हिरासत में लेने की अवधि का विस्तार करना भी अवैध है। हाई कोर्ट ने डॉ. कफील खान को तुरंत रिहा करने का आदेश जारी किया है।

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तीन महीने के लिए बढ़ाई गई थी हिरासत की अवधि

बता दें कि हाल ही में डॉ. कफील खान की हिरासत की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ा दी गई थी। बीते करीब छह महीने से एनएसए के तहत कफील खान मथुरा जेल में बंद हैं। 13 फरवरी 2020 को कफील खान को अलीगढ़ जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर निरुद्ध किया गया है।

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क्या दिया था बयान?

गौरतलब है कि डॉ. कफील ने पिछले साल 2019 में 12 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में करीब 600 छात्रों को सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान विवादित भाषण दिया था। कफील ने कहा था कि, नागरिकता संशोधन कानून मुसलमानों को सेकंड क्लास का नागरिक बनाता है और एनआरसी लागू होते ही लोगों को प्रताड़ित किया जाना शुरू हो जाएगा।

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पहले भी इस मामले में जा चुके हैं जेल

इससे पहले वर्ष 2017 में भी डा. कफील खान को गोरखपुर मेडिकल कालेज में आक्सीजन की कमी से हुई दर्जनों बच्चों की मौत के मामले में भी उन्हे गिरफ्तार किया गया था लेकिन दो साल चली जांच के बाद डॉ. कफील खान को इस मामले में सभी प्रमुख आरोपों में क्लीनचिट मिल गई थी।

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